तलाक़ पर हस्ताक्षर किए, अब वह घुटने टेककर भीख माँग रहा है

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अध्याय 54

अमेलिया की आँखों में नाराज़गी भरी थी, लेकिन जेम्स की सख़्त नज़र के सामने वह बस दाँत भींचकर मुझसे माफी माँगने पर मजबूर हुई। “माफ़ करना, सोफ़िया। अभी मैं होश में नहीं थी, और मुँह से बहुत कड़वी बातें निकल गईं। मुझे माफ़ कर दो।”

मेरी आवाज़ बर्फ़-सी ठंडी थी। “मैं अपने मरे हुए बच्चे की तरफ़ से तुम्हें मा...

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